सिरसा। रक्षाबंधन और त्योहारी सीजन में WhatsApp पर आने वाले बधाई संदेशों के जरिए साइबर ठगी का खतरा बढ़ गया है। साइबर अपराधी त्योहार की शुभकामनाओं के साथ संदिग्ध लिंक, फाइल और APK भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को देखते हुए सिरसा के पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने आमजन के लिए साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
एसपी दीपक सहारन ने कहा कि मोबाइल फोन में WhatsApp का Media Auto-Download बंद रखना सुरक्षा की दृष्टि से उपयोगी कदम है। इसके लिए WhatsApp की Settings में जाकर Storage and Data विकल्प चुनें। इसके बाद Media Auto-Download में Mobile Data, Wi-Fi और Roaming तीनों विकल्पों को चेक करें और फोटो, ऑडियो, वीडियो तथा डॉक्यूमेंट के सामने लगे विकल्पों को जरूरत के अनुसार बंद कर दें। इससे अनजान नंबर से भेजी गई संदिग्ध फाइल बिना अनुमति के मोबाइल में अपने आप डाउनलोड नहीं होगी।
पुलिस के अनुसार त्योहारी सीजन में साइबर ठग लोगों को आकर्षक ऑफर, इनाम, नौकरी, बैंक अपडेट या जरूरी सूचना के नाम पर फर्जी लिंक भेज सकते हैं। WhatsApp पर रक्षाबंधन की शुभकामनाओं के साथ भी ऐसे लिंक या फाइल भेजी जा सकती हैं। इन पर क्लिक करने से पहले उनकी सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान नंबर से प्राप्त संदेश, लिंक या फाइल को बिना जांचे खोलने से बचना चाहिए।
साइबर सुरक्षा के लिहाज से APK File को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध नंबर से भेजी गई APK File को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। ऐसी फाइलों के जरिए साइबर अपराधी मोबाइल फोन और निजी जानकारी तक पहुंच बनाने का प्रयास कर सकते हैं। अगर किसी बैंक, कंपनी या सरकारी संस्था के नाम से कोई संदेश प्राप्त होता है तो उसमें दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बजाय संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
एसपी दीपक सहारन ने लोगों को OTP और बैंकिंग जानकारी को लेकर भी सावधान किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड, बैंक अकाउंट, ATM या डेबिट-क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर ठग कई बार खुद को बैंक कर्मचारी, सरकारी अधिकारी या किसी निजी संस्था का प्रतिनिधि बताकर लोगों से जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसे किसी भी कॉल या संदेश पर तुरंत भरोसा करने के बजाय संबंधित संस्था से आधिकारिक माध्यम से संपर्क कर उसकी पुष्टि करनी चाहिए।
अगर गलती से किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक हो जाए या कोई संदिग्ध फाइल डाउनलोड हो जाए तो घबराने के बजाय तुरंत सावधानी बरतनी चाहिए। साइबर अपराध की आशंका होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। समय रहते शिकायत करने से संभावित आर्थिक नुकसान को सीमित करने और आवश्यक कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रक्षाबंधन और अन्य त्योहारों के दौरान WhatsApp पर आने वाले किसी भी बधाई संदेश, गिफ्ट, इनाम, ऑफर या लिंक पर जल्दबाजी में भरोसा न करें। संदेश भेजने वाले की पहचान और लिंक या फाइल की सत्यता की जांच करने के बाद ही कोई कार्रवाई करें। मोबाइल फोन और WhatsApp को समय-समय पर अपडेट रखें तथा मजबूत स्क्रीन लॉक और उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करें।
एसपी दीपक सहारन ने कहा कि साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका सतर्कता है। थोड़ी सी सावधानी लोगों को बड़ी आर्थिक ठगी का शिकार होने से बचा सकती है। त्योहार की खुशी में किसी अनजान लिंक पर एक क्लिक आपकी मेहनत की कमाई और निजी जानकारी को खतरे में डाल सकता है। इसलिए सावधान रहें और संदिग्ध संदेशों की तुरंत जांच करें।





